पंचांग के अनुसार हिंदु धर्म मे २७ नक्षत्र बताये हैं| इस मे कुछ शुभ फल देते है तो कुछ अशुभ फल देते है| जो अशुभ नक्षत्र है उनकी शांती करना जरूरी होता है|
कृतिका, आश्लेषा, मेघा, विशाखा, जेष्ठा और मुला नक्षत्र|
इनकी शांती करना अवश्यक है|
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अपनी कुंदली मे नवग्रहों क बडा महत्व है| नवग्रहों मे इतनि ताकद होती है की ये अपने जीवन में बोहत बडा परिवर्तन ला सकते है| किसी को अपने जीवन में एकदम 'टॉप' पर ले जाते है तो किसी को १ सेकेंद में निचे भी गिरा सकते है| इसलिये इनकी पुर्ण क्रुपा द्रुस्टि पाने के लिये 'नवग्रह शांती + हवन' करना जरुरी है|
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पंचांग के अनुसार हिंदु धर्म मे २७ योग बताये है| इस मे कुछ शुभ और कुछ अशुभ योग होते है|
विषकंभ, खतिगंड, ध्रुति, शुल, गंड, व्यतिपात, वैध्रुति ये योग पर जन्म होने पर शांति अवश्य कर ले|
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पंचांग अनुसार कुल ११ प्रकार के करण होते है| इस में कुछ शुभ और कुछ अशुभ होते है|
बव, तैतिल, विष्टि, चतुषपाद, नाग, किंस्तहनु| कुंडली मै ये करण हो तो इनकी शंति करना जरुरी है|
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त्रिंबकेश्वर दुनिया क एकमात्र शिवलिंग है जिसमे ब्रम्हा विष्णू और महेश ये तिन भगवान एकसाथ विराजमान है| एक अभिशेक करने से आपको तीन भगवानों की क्रुपाद्रुश्टि मिलेगी|
इस सृष्टि के निर्माता
इनकी नाभी से प्रुथ्वी का जन्म हुआ है| इनसे हमे मिलेगा धन, संपत्ति, घर , जमीन, माता-पिता, एवं, पुर्वजों के अछे आशिर्वाद|
इस सृष्टि के पालनकरता
इन से हमे मिलेगा समाज घर परिवार मे इज्जत|
जो काम हाथ में ले उसमे पुर्ण सफलता मिले| गुणवान संतान, संपुर्ण सुख की प्रप्ति|
इस सृष्टि के पालनकरता
इन से हमे मिलेगि अच्छी सेहत| अच्छे विचार| बिमारियाँ दुर रहेगी| घर में अकाल म्रुतुय नही होगी| जादु - टोना, बुरी नजर , भूतबाधा, पिशा्चबाधा,
प्रेत्बाधा ये सब उतर जयेगा| संपुर्ण परिवार को अच्छी सेहत मिलेगी| जीवन सुखी होगा|
ये सब एक अभिशेख से होगा | जैसे जीवन बीमा करने से परिवार को सुरक्षा कवच मिलता है, वैसे ही भगवान त्रिंबकेश्वर को रुद्र अभिशेख करने से ब्रम्हा + विष्णु + महेश इनसे सुरक्षा कवच मिलेगा| ति आज ही अपनी पूजा ऑनलाइन बूक किजिये| घर बैठे प्रसाद पये|
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वर्ष २०१७ में पूजा करने के लिए तिथि / मुहूर्त
Jan - 7, 4, 19, 30
Feb - 5, 10, 17, 24
Mar - 1, 8, 15, 23, 29
Apr - 6, 11, 20, 27
May - 6, 11, 17, 24
Jun - 7, 13, 19, 27
Jul - 6, 12, 19, 25(Nagpanchami)
Aug - 2, 9, 14, 20, 23
Sep - (Pitrupaksha) - 4, (Adhikmaas starts) 19, 25, 30
Oct - 10 (Adhikmaas ends), 18, 23, 29
Nov - 2, 11, 15, 25, 29
Dec - 3, 8, 13, 22, 27
Jan - 7, 4, 19, 30
Feb - 5, 10, 17, 24
Mar - 1, 8, 15, 23, 29
Apr - 6, 11, 20, 27
May - 6, 11, 17, 24
Jun - 7, 13, 19, 27
Jul - 6, 12, 19, 25(Nagpanchami)
Aug - 2, 9, 14, 20, 23
Sep - (Pitrupaksha) - 4, (Adhikmaas starts) 19, 25, 30
Oct - 10 (Adhikmaas ends), 18, 23, 29
Nov - 2, 11, 15, 25, 29
Dec - 3, 8, 13, 22, 27
Jan - 8, 12, 22, 25
Feb - 1, 8, 13, 21, 28
Mar - 6, 16, 20, 27
Apr - 3, 7, 12, 16, 23, 30
May - 3, 7, 10, 13, 20, 28
Jun - 10, 16, 24, 28
Jul - 2, 7, 14, 21, 27
Aug - 3, 13, 17, 28, 31
Sep - (Pitrupaksha 6, 9, 12, 15), (Adhikmaas starts), 22, 27
Oct - 4, 11, (Adhikmaas ends) 19, 31
Nov - 4, 8, 18, 21, 27
Dec - 1, 5, 10, 18, 24, 29