जन्म कुंडली में राहू और कालसर्प के बिच सारे ग्रह जब आते है तब राहू कालसर्प योग बनता है| शात्र मे राहू को मुख और केतू को बाकी शरीर बताया गया है| काल और सर्प ये राहू की उपदेवता है| इसलिए राहू पूजन को ही कालसर्प योग पूजन कह सकते है|
हर मनुष्य की जीवनक्रममें कुंडली और ज्योतिष का मजबूत सहारा होता है| आपके (पृथ्वी) के साथ लने वाले सारे ग्रह अलग अलग उर्जा रंगो के साथ पृथ्वीपर परिणाम करते है| पृथ्वीपर रहनेवाले सारे सजीव इस परिणाम से शुभ और अशुभ स्थितीयों का अनुभव कहते है| इनमें से कुच ग्रह समान लाभदाई होते है| कुच अशुभ फलदायी होते है|आऔ र कुछ ग्रह शुभ दोनो तरहकी स्थिती का अनुभव देते है|
अशुभ फल देने वाले गृहोंमें सुर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, राहू और काल के बी आते है| इनके साथ शुभ ग्रहोंका संयोग हो जाय तो उनके उपर भी अशुभ परिणाम होता है| कुंडली में राहू अगर अशुभ स्थान पर या अशुभ ग्रह के साथ हो तो विशेष रूप से पीडा देता है| इस स्थिती को सौम्य बनाने के लिए कालसर्प शांती करनी चाहिए| यह एक दिनमें संपन्न होने वाली पूजा है| जीवन मे हर काम मे रुकावट बाधा आना, मन में अशुभ विचार, डर, भय उत्पन्न होना| शादी में, पढाईमें रूकावट आना अनेक कोशिशों के बावजूद भी समय का नियोजन न होना, व्यापारमें बारबार अपयश आना, पती-पत्नी के रिस्तोंमें दरार आना, पेट संबंधीत बिमारीया आदी सारी चीजे कालसर्प योग के परिणाम दर्शाती है| साथ शादी, विवाह रूकावट, संतती रूकावट, व्यापार, नोकरी में रूकावट इस परिणाम हेतू कालसर्प विधी है|
वर्ष २०१७ में पूजा करने के लिए तिथि / मुहूर्त
Jan - 7, 4, 19, 30
Feb - 5, 10, 17, 24
Mar - 1, 8, 15, 23, 29
Apr - 6, 11, 20, 27
May - 6, 11, 17, 24
Jun - 7, 13, 19, 27
Jul - 6, 12, 19, 25(Nagpanchami)
Aug - 2, 9, 14, 20, 23
Sep - (Pitrupaksha) - 4, (Adhikmaas starts) 19, 25, 30
Oct - 10 (Adhikmaas ends), 18, 23, 29
Nov - 2, 11, 15, 25, 29
Dec - 3, 8, 13, 22, 27
Jan - 7, 4, 19, 30
Feb - 5, 10, 17, 24
Mar - 1, 8, 15, 23, 29
Apr - 6, 11, 20, 27
May - 6, 11, 17, 24
Jun - 7, 13, 19, 27
Jul - 6, 12, 19, 25(Nagpanchami)
Aug - 2, 9, 14, 20, 23
Sep - (Pitrupaksha) - 4, (Adhikmaas starts) 19, 25, 30
Oct - 10 (Adhikmaas ends), 18, 23, 29
Nov - 2, 11, 15, 25, 29
Dec - 3, 8, 13, 22, 27
Jan - 8, 12, 22, 25
Feb - 1, 8, 13, 21, 28
Mar - 6, 16, 20, 27
Apr - 3, 7, 12, 16, 23, 30
May - 3, 7, 10, 13, 20, 28
Jun - 10, 16, 24, 28
Jul - 2, 7, 14, 21, 27
Aug - 3, 13, 17, 28, 31
Sep - (Pitrupaksha 6, 9, 12, 15), (Adhikmaas starts), 22, 27
Oct - 4, 11, (Adhikmaas ends) 19, 31
Nov - 4, 8, 18, 21, 27
Dec - 1, 5, 10, 18, 24, 29